Hindi Poem (हिंदी कविता)

वो आखरी ख़त

Posted On September 29, 2016 at 4:02 pm by / No Comments

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liar_by_rainarashi-d36yeec

वो आखरी ख़त
जो लिखा था तुम्हे
आज भी मेरे पास
महफूज रखा है ….

जिंदगी के किसी मोड़ पर
कभी मिलोगे तो
कर देंगे सुपुर्द तुमको
अमानत तुम्हारी …..

फिर मर्ज़ी जो चाहे तुम करना
प्यार से पढ़ लेना
या फिर जला देना
एक कागज़ समझकर …..

वो आखरी ख़त
जो लिखा था तुम्हे
आज फिर मेरे पास
महफूज रखा है ……!!!

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