Hindi Poem (हिंदी कविता)

रात अब पहले सी नहीं होती …

  रात अब पहले सी नहीं होती ख्वाब भी तो अब वैसे नहीं आते सब कुछ बदल सा गया है ...... आसमां को देखे वर्षो गुजर गये सितारे तो शायद अब निकलते ही नहीं सब कुछ बदल सा गया है ..... ...
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