Hindi Poem (हिंदी कविता)

बचपन ने ख्वाब दिये जवानी ने छीन लिये….

बचपन ने ख्वाब दिये जवानी ने छीन लिये बचपन ने उम्मीदें दी जवानी ने तोड़ दी बचपन ने हंसना सिखाया जवानी ने भूला दिया बचपन ने अपनेपन के बीज बोयें जवानी ने नफरत रोप दी .. बचपन बितता गया स
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

रखकर हथेली पर उम्मीदो को फूंक से उड़ा दिया…

रखकर हथेली पर उम्मीदो को फूंक से उड़ा दिया एक ख्वाब जो आया था देहरी पे उसे वापस लौटा दिया ... उम्मीदें अक्सर इंसान को अन्दर ही अन्दर खोखला करती चली जाती हैं, फिर वो किसी इंसान से की गई हों या फ...
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