Hindi Poem (हिंदी कविता)

पिता भी कभी-कभी कमजोर पड़ जाते हैं ….!!!

कुछ करने की बेचैनी और कुछ न करने का दर्द इन्सान के चेहरे पर साफ नज़र आता है  मेरी नाकामियां अक्सर मुझे रात के घने अँधेरे में आंसुओ से तर-बतर कर देती है ... कई बार सोचता हूँ कदम-कदम चलकर ...
Read More