Meri Diary Se

यूँ ही …

आज कुछ लिखने का मन है, बहुत दिन हो गये ऐसा कुछ नही लिखा जिससे मन को सुकून मिल सके .... कभी-कभी सब कुछ बहुत बोरिंग सा लगने लगता है, बैठे-बैठे अचानक से ऐसा हो जाता है, सोचती हूँ कैसे इतनी बड़ी जिंदगी ...
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मौन की भाषा …..

कभी-कभी कहने को कुछ नही होता, बस मन होता है कि कोई आये और खुद-ब-खुद हमारे मन की सब बाते समझ ले, सब कुछ कहना कहाँ मुमकिन है, कई बार बस मौन की भाषा में बात करने को जी चाहता है, लेकिन मौन कोई समझता नही...
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Stories

लड़की और दहेज़ …

शादी का चलना या न चलना किस्मत पर निर्भर करता है दहेज़ पर नही, उसके घर वालो को ये बात अब अच्छे से समझ आ चुकी थी, लेकिन वो कहावत है न “अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत”, बस यही हाल अब उसके ...
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मेरी डायरी से …….. कुछ बिखरे पन्ने-2

गतांक से आगे ....... एक दशक हो गया है माँ को देखे हुए ....., जब भी चोट लगती है न जाने क्यों इतनी नफरत के बावजूद कह उठता हूँ माँ...... लौट आओ न......., माँ ....., लोग कहते हैं माँ दुनिया में सब स
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Meri Diary Se

मेरी डायरी से …….बिखरे पन्ने -1

  जिंदगी में सब को सब कुछ नही मिलता ये दिल को बहलाने वाला सबसे अच्छा जुमला है, अक्सर हम इसे अपने जीवन में दोहराते रहते हैं खासकर तब जब हम कुछ पाने में नाकामयाब साबित होते हैं ... कभी-कभी मैं
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