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मेरे हिस्से की माँ -2

ओ महारानी, यहाँ बैठी-बैठी सोचती ही रहोगी या आज घर के काम की तरफ भी देखोगी, जाकर कुछ बनो लो, 12 बजने वाले हैं, मालकिन ने आकर मुझे झकझोरा, मैं भी कितनी पागल हूँ, कभी भी वर्तमान को बीते हुए कल में डु...
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