धार्मिक भावनाएं…

मेरी भावनाएं (धार्मिक भावनाएं) किसी के भी कुछ भी कहने पर कभी आहत नहीं होती. क्योंकि मुझे मालूम है कि किसी इंसान के द्वारा भगवान को कहे गये अपशब्दो का भगवान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. भगवान भगवान होते हैं. प्रायः ऐसा देखा गया है कि अगर कोई इंसान किसी दूसरे इंसान को अपशब्द कहता […]

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जहां सब कुछ है भी और कुछ भी नही है.

जब आपके आसपास कोई नही होता आपके मन की बात समझने वाला तब बस एक ही तरीका बाकि रह जाता है मन के बोझ को कम करने का और वो है कोरे पन्नों के साथ अपनी बात को शेयर कर लेना. कोई आपकी बात समझें या नही समझें ये कोरे पन्नें और कलम जरूर समझते […]

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रखकर हथेली पर उम्मीदो को फूंक से उड़ा दिया…

रखकर हथेली पर उम्मीदो को फूंक से उड़ा दिया एक ख्वाब जो आया था देहरी पे उसे वापस लौटा दिया … उम्मीदें अक्सर इंसान को अन्दर ही अन्दर खोखला करती चली जाती हैं, फिर वो किसी इंसान से की गई हों या फिर प्रकृति से। जब बार-बार उम्मीद टूटती है तब एक दिन ऐसा आता […]

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दुनिया सच में खुबसूरत है या आप ने स्वार्थ का चश्मा पहना है??

आँखे बंद करिए और अपनी जिंदगी को देखिये आप को सब कुछ अच्छा दिखाई देगा, वेल settled, आँखे बंद करिए अपने आस-पास देखिये आप को अब भी सब कुछ अच्छा दिखाई देखा, आप का गाँव, आप का शहर, आप का पड़ोस, आप के लोग सब कुछ अच्छा है, फिर से आँखे बंद करिए थोडा दूर […]

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ढलती हुई जिंदगी ….

तो ये रिश्ता पक्का समझे हम ?, रिषभ और अदिति के आने के बाद सभी घर वालो ने उनकी ओर बड़ी उम्मीद से देखते हुए पूछा … रिषभ ने मुस्कुरा कर हाँ में गर्दन हिला दी लेकिन अदिति कुछ देर चुप ही रही. अदिति की चुप्पी माँ-पापा के चेहरे पर कुछ चिंता के भाव ले […]

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मुखौटे वाली लड़कियां …

शहर में आजकल चारो तरफ मुखौटे वाली लड़कियों के ही चर्चे हैं. हर तरफ लड़कियां ही लड़कियां वो भी बिल्कुल एक से मुखौटो में. मुखौटे जिन्हे हटाया नहीं जा सकता। जलाया नहीं जा सकता. पानी, आग, धुप, मिटटी, जिनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते. कोई उन्हें पहचान ही नहीं पा रहा है कि कौन सी लड़की […]

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मुक्ति….

शरीर और आत्मा के अलग हो जाने को मुक्ति नही कहा जा सकता. मुक्ति तो शरीर और आत्मा दोनों के एक साथ मिलकर एक ऐसी राह पर चलने से मिलती है जहाँ मोह और माया का जाल नही फैला होता. मुक्त होने के लिए मरने की जरूरत नही पड़ती, बल्कि मुक्त होने के लिए तो […]

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This Is Not Your Story – A Book By Savi Sharma

“This Is Not Your Story” a Book by Savi Sharma. 197 रिव्युस लिए ये किताब “Bestselling Books की category me 6th No. पर है. 197 रिव्युस वो भी सब के सब पॉजिटिव रेस्पोंस लिए. जिसने भी अब तक ये किताब पढ़ी है सिर्फ अच्छा रेस्पोंस ही दिया है. The Book is the highest reading book […]

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गुजरा हुआ इश्क …

सुधांशु आज कुछ खोया-खोया सा था, अमर ने ऑफिस में उसे उसकी डेस्क पर यूँ चुपचाप बैठे और कंप्यूटर स्क्रीन को टकटकी लगाकर देखते हुए देखा तो उसके पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर पूछने लगा …. क्यों भाई, किस सोच में डूबे हो? कल वैलेंटाइन डे का प्रोग्राम बना रहे हो क्या ? […]

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मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है….

समाज भी बिलकुल एक संस्था के जैसा है. जिसका एक प्रथक अस्तित्व है. जो है तो लेकिन जिसे छुआ नही जा सकता, स्मेल नही किया जा सकता. जैसे एक संस्था या संगठन का कोई प्रॉपर चेहरा नही होता बस एक साख होती है वैसे ही समाज का भी चेहरा नही होता (मैंने तो नही देखा […]

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