Hindi Poem (हिंदी कविता)

जलता है न जाने क्या मेरे अंदर…

Posted On February 2, 2017 at 2:08 pm by / No Comments

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जलता है न जाने
क्या मेरे अंदर
मुझे न जाने क्या जलाता है
दिल से मेरे चैन छीन कर 
आँखों में आंसू न जाने
कौन दे जाता है ……
कुछ बहरा सा है अंदर
जो सुनता नही मेरी
कुछ गूंगा सा है अंदर
जो कहता नही अपनी …
मेरे मन की अग्नि है
मेरा ही मन जलाती है
तनहा देखकर मुझको
यादे लौट आती हैं …
मेरे सीने में जाने कौन सी
बातें दफ़न हैं
निकलती है जिनसे रोज़
एक ज्वालामुखी …..
जलता है न जाने
क्या मेरे अंदर
मुझे न जाने क्या जलाता है
दिल से मेरे चैन छिनकर
आँखों में आंसू न जाने
कौन दे जाता है ……!!

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