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देवनिता पार्ट-1 (Audio)

अब आप मेरे पहले उपन्यास को सिर्फ पढ़ ही नही सकते बल्कि उसे सुन भी सकते हैं मेरी ही आवाज़ में. आज लेकर आई हूँ देवनिता का पहला पार्ट, उम्मीद है आप सभी को जरुर पसंद आएगा .... ...
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अनकहा प्यार ….

रात 1 बजे के बाद जहाँ अक्सर चांदनी रातो में रात का अँधेरा धीरे-धीरे फीका पड़ने लगता है वहीं आसमान में सुकून से बैठा चाँद और गहरा होता चला जाता है, मेरे कमरे की खिड़की से चाँद कुछ ज्यादा ही खुबसू...
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दूसरे उपन्यास से …

आज सुबह जब बाहर बालकनी में चाय का कप हाथ में लेकर अखबार की सुर्खियो पर नजर डाल रहा थी तो अचानक मेरी नजर एक जानी पहचानी सी हैडलाइन पर आकर ठहर गई। घने काले मोटे अक्षरो में लिखा था ‘दुष्कर्म के आरोपियो...
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परफेक्ट …

“परफेक्ट तो कोई भी नही होता”, तुम भी तो नही हो परफेक्ट, अर्पिता ने शिवम की आँखों में आँखे डालकर देखते हुए कहा तो वो कुछ झल्ला सा गया..... कौन कहता है मैं परफेक्ट नही हूँ, अच्छी जॉब है, पैसा है, अ...
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प्रपोजल -प्यार वाला …

अभिनव आज बहुत खुश था, अदिति को आज पहली बार प्रोपोज जो करने वाला है वो, अदिति और अभिनव दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं, हाँ दोनों की क्लास अलग-अलग है, अभिनव साइंस स्ट्रीम का स्टूडेंट है तो अदिति कॉम...
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मेरे हिस्से की माँ – 4

माँ जैसा प्यार मिल सकता है, लेकिन माँ का मिलना ये नहीं हो पाता, यूँ तो कोई कमी नहीं है यहाँ मुझको, मैं अगर अपने घर होती तो शायद इसमें से कुछ भी मुझे नहीं मिलता मगर जो मिलता वो भी तो छूट गया है, जि...
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मेरे हिस्से की माँ – 3

चलो, अच्छा हुआ जो तुम ये लैपटॉप ले आई, कुछ टाइम के लिए तो अपने ख्यालो से बाहर निकलेगी ये लड़की, दिन भर न जाने कहाँ खोयी रहती है, मालकिन ने मुस्कुराते हुए कहा तो मैं भी अपने आंसुओ के साथ खुद को मुस्...
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मेरे हिस्से की माँ -2

ओ महारानी, यहाँ बैठी-बैठी सोचती ही रहोगी या आज घर के काम की तरफ भी देखोगी, जाकर कुछ बनो लो, 12 बजने वाले हैं, मालकिन ने आकर मुझे झकझोरा, मैं भी कितनी पागल हूँ, कभी भी वर्तमान को बीते हुए कल में डु...
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मेरे हिस्से की माँ -1

आज से एक नया सेगमेंट शुरू कर रही हूँ, कुछ वास्तविकता से निकली कहानियाँ आई हूँ लेकर, उम्मीद है आपको पसंद आएँगी... पढ़कर बताइयेगा जरुर .... कुछ महसूस हुआ क्या ..... जिंदगी की बांहों में झूलती कहानियाँ ...
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काश ! पढाई का भी एक रिवाज होता …

दीदी मौसी माँ से कह रही थी कि लड़के और लडकियों को एक सा समझा जाने लगा है आजकल, फिर हमे क्यों पढ़ने नही भेजा जाता, इसका क्या मतलब हुआ दीदी ? - निधि ने अपनी गर्दन को ऊपर करते हुए उसके बाल बना रही बड़ी बह...
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