Hindi Poem (हिंदी कविता)

सूखे गुलाब …

    वो सूखे गुलाब जो किताबो में छुपा रखे थे तेरे जाने के बाद गुलदस्तो में सजा रखें हैं ... मैं अगर कभी चाहूँ भी भुलाना तुझको ये हर रोज़ तेरी याद दिला देते हैं ... वो तेरे ख़त जो ...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

मैं देखता ही रहा रात भर उसको

मैं देखता ही रहा रात भर उसको वो चाँद बनकर आसमां में मुस्कुराता रहा बहुत पुराना है रिश्ता हमारा कोई एक-दो दिन की बात नही ..... वो रोज़ आता है मिलने मुझसे मैं रोज बैठ जाता हूँ खिड़की पर अप...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

समझ पाओ अगर ..

सुबह चुपचाप निकली और चुपचाप चली गयी न जाने कितने किस्से रात की बांहों में छोड़ गयी हमें बस फ़िक्र तुम्हारी थी वरना क्या रखा था जीवन में तुम्हारे प्यार की खातिर की कोशिश जीने की ..... वज...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

तेरी यादो के बहाने …

हर लफ्ज में तुमको लिखने की कोशिश करती हूँ आजकल जो भी लिखती हूँ, अपना सा लिखती हूँ .... तुम्हे भूलने की बात सोचती हूँ जब भी तुम्हे कुछ ज्यादा ही याद करने लगती हूँ .... मेरी मुस्कराहट, मेरी उद...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

रात अब पहले सी नहीं होती …

  रात अब पहले सी नहीं होती ख्वाब भी तो अब वैसे नहीं आते सब कुछ बदल सा गया है ...... आसमां को देखे वर्षो गुजर गये सितारे तो शायद अब निकलते ही नहीं सब कुछ बदल सा गया है ..... ...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

मैं रोज सोचती हूँ …

तुम रोज मरते हो थोडा-थोडा मुझ में और मैं रोज सोचती हूँ मेरे अंदर ये घुटन क्यों हैं ..... तुम रोज़ होते हो जिन्दा कतरा-कतरा मुझ में और मैं रोज सोचती हूँ मैं जिन्दा क्यों हूँ ..... ...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

पिता भी कभी-कभी कमजोर पड़ जाते हैं ….!!!

कुछ करने की बेचैनी और कुछ न करने का दर्द इन्सान के चेहरे पर साफ नज़र आता है  मेरी नाकामियां अक्सर मुझे रात के घने अँधेरे में आंसुओ से तर-बतर कर देती है ... कई बार सोचता हूँ कदम-कदम चलकर ...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

ख्वाहिशे सब बेच दी हैं…

ख्वाहिशे सब बेच दी हैं जरुरतो पर ताला जड़ दिया है जिंदगी अब मुस्कुरा कर तो दिखाए हमने सब रास्ते बंद कर दिए हैं ..... जीना-मरना कुछ नही होगा अब खेल सारा खत्म होने वाला है कौन रोकेगा रास्ता ...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

मेरा अपना है तू तो लौट आएगा ….

न जाने कोई किसी से क्यों खफा होता है क्या बेवफाई का नाम ही वफ़ा होता है ... गम ही देना है तो जानलेवा दे यूँ रोज रुलाने से क्या होता है .... मेरा अपना है तू तो लौट आएगा दिल को समझाने से क्या ह...
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