Hindi Poem (हिंदी कविता)

बचपन ने ख्वाब दिये जवानी ने छीन लिये….

बचपन ने ख्वाब दिये जवानी ने छीन लिये बचपन ने उम्मीदें दी जवानी ने तोड़ दी बचपन ने हंसना सिखाया जवानी ने भूला दिया बचपन ने अपनेपन के बीज बोयें जवानी ने नफरत रोप दी .. बचपन बितता गया स
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

याद तो तुमको आयेगी …

चलो मेरे जाने के बाद ही सही याद तो तुमको आयेगी तन्हा-तन्हा शामों में रोज बहुत तड़पायेगी ... जिस दिन भी तुम बीती बातों की किताब पुरानी खोलोगे मन ही मन में खामोशी से नाम मेरा ही बोलोगे ..
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

रखकर हथेली पर उम्मीदो को फूंक से उड़ा दिया…

रखकर हथेली पर उम्मीदो को फूंक से उड़ा दिया एक ख्वाब जो आया था देहरी पे उसे वापस लौटा दिया ... उम्मीदें अक्सर इंसान को अन्दर ही अन्दर खोखला करती चली जाती हैं, फिर वो किसी इंसान से की गई हों या फ...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

जलता है न जाने क्या मेरे अंदर…

जलता है न जाने क्या मेरे अंदर मुझे न जाने क्या जलाता है दिल से मेरे चैन छीन कर  आँखों में आंसू न जाने कौन दे जाता है ...... कुछ बहरा सा है अंदर जो सुनता नही मेरी कुछ गूंगा सा है अंदर...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

जज्बात …

गोल-गोल घुमती दुनिया में अक्सर मैं एक कौने पर आकर ठहर जाती हूँ .... वो कौना जो मैंने खुद से नही माँगा वो कौना जो मुझे थमा दिया नियति ने मेरे कदमो की रफ़्तार देख कर ...... मेरी आँखों में त
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

तुम्हे कैक्टस पसंद है ???

मुझे आश्चर्य से देखते हुए पूछना उसने ... तुम्हे कैक्टस पसंद है ??? मगर उसमे तो कांटे उगते हैं ....?? मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कांटे तो गुलाब में भी उगते हैं और मुझे तो गुलाब भी बहु
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

वो पहला ख़त

वो पहला ख़त जो लिख कर भी  भेज नही पाया था तुम्हे उसे आज मैंने जला दिया है ... जब तुम ही मेरे न हो सके तो इन खतो का भी क्या करता .... कम से कम ये राख इन खतो की किसी के काम तो आ जाएगी ...!!
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

मेरी आत्मा ….

ये मेरे अंदर जो मेरी आत्मा है न ये मुझसे खुश नही है ...... इसे नही पसंद मेरा यूँ इस घुटन में जीना ये तो चाहती है खुली हवा में साँस लेना ..... इसे नही अच्छा लगता मेरा घर से इतनी दूर र...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

वो आखरी ख़त

वो आखरी ख़त जो लिखा था तुम्हे आज भी मेरे पास महफूज रखा है .... जिंदगी के किसी मोड़ पर कभी मिलोगे तो कर देंगे सुपुर्द तुमको अमानत तुम्हारी ..... फिर मर्ज़ी जो चाहे तुम करना प्यार स...
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Hindi Poem (हिंदी कविता)

चले आओ कभी तो यूँ ही …

सैकड़ो बातें हैं जो तुम से मुझे कहनी हैं कुछ भीगी हुई आंसुओ में कुछ सूखी सी मेरी आँखों की तरह ...... चले आओ कभी तो यूँ ही चले आते हो जिस तरह से मेरी आँखों में वक़्त-बेवक्त आँसू बनकर ......
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